छात्रावासों की व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, सभी SDM करेंगे नियमित निरीक्षण
Administration strict on hostel arrangements, all SDMs will conduct regular inspections
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और जरूरी सुविधाएं दिलाने पर जोर, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही पर ADM सुमित पांडे ने दी सख्त हिदायत
भोपाल। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और आमजन की शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। एडीएम सुमित पांडे ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता, मेस की सुचारू व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।
छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर रहेगी नजर
सोमवार को समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में एडीएम सुमित पांडे ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, मेस संचालन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिकायतों के निराकरण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए एडीएम ने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा
बैठक के दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसमस्याओं के समाधान और लंबित समय-सीमा पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही शहर के विकास तथा शासकीय परिसरों के बेहतर उपयोग के लिए पुनर्घनत्वीकरण (रीडेंसिफिकेशन) कार्ययोजना पर चर्चा हुई। एडीएम ने संबंधित विभागों को कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई तत्परता से करने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम प्रकाश नायक, एडीएम महेंद्र सिंह कवचे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




























