“हिमालय देवात्मा है, नाचघर नहीं” — बद्रीनाथ में DJ कॉन्सर्ट पर मुरली मनोहर जोशी की सरकार से प्रतिबंध की मांग

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“The Himalayas are divine, not a dance hall” — Murli Manohar Joshi demands a government ban on DJ concerts in Badrinath.

  • बोले- धाम की पवित्रता पर सीधा आघात

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह (DJ Concert) को अनुमति दिए जाने पर आपत्ति जताई है। फेसबुक पर साझा की गई पोस्ट में उन्होंने इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादाओं से जोड़ते हुए ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की।

जोशी ने अपनी पोस्ट में कहा कि बद्रीनाथ धाम में DJ कॉन्सर्ट को अनुमति देना सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन होने के साथ-साथ धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन और आध्यात्मिक साधना के लिए की थी।

उन्होंने बद्रीनाथ की धार्मिक परंपराओं और शांत वातावरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब यहां धार्मिक कारणों से शंख बजाने तक की परंपरागत मनाही बताई जाती है, तब शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रम आयोजित करना गंभीर सवाल खड़े करता है।

पोस्ट में जोशी ने यह भी चिंता जताई कि इतनी ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में हजारों लोगों के एकत्र होकर ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने से उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देवभूमि को उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान से दूर कर उसे बाजारवादी संस्कृति की ओर ले जाने का संकेत देते हैं।

डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, विशेषकर शंकराचार्यों और संत-महात्माओं से संस्कृति के क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने तथा देवभूमि की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हिमालय देवात्मा है, भगवान शिव का निवास और मां गंगा का उद्गम क्षेत्र है। ऐसे पवित्र क्षेत्र की धार्मिक गरिमा और करोड़ों भारतीयों की आस्था को ध्यान में रखते हुए वहां होने वाले आयोजनों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।