Mourning during Shraddh: Two cousins swept away by the surging Jhilmil River in Chitavali; bodies recovered after 16 hours.
- 5 भाइयों संग नहाने उतरे थे मासूम; 22 वर्षीय बड़े भाई ने पेड़ की डाली पकड़ बचाई जान, आंखों के सामने ओझल हुए दो चिराग
आशीष शर्मा की रिपोर्ट
भिंड: मेहगांव क्षेत्र के चितावली गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब दादा के श्राद्ध कर्म के माहौल के बीच नदी में नहाने गए दो सगे चचेरे भाई पानी के तेज बहाव में बह गए। हादसा शुक्रवार सुबह उस समय हुआ जब परिवार के 5 बच्चे गांव के पास स्थित झिलमिल नदी पर गए थे। किसी को भी तैरना नहीं आता था। बच्चों को डूबता देख बचाने कूदा 22 साल का बड़ा भाई भी बहाव में घिर गया, जिसने गनीमत रही कि किनारे लगे पेड़ की टहनी पकड़कर अपनी जान बचा ली। हादसे की सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने 16 घंटे तक 7 किमी इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, शनिवार सुबह 7 बजे दोनों शव बरामद हुए है

ग्वालियर से दादा की पुण्यतिथि पर आया था 16 वर्षीय कृष्णा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चितावली निवासी दुलारे सिंह राजावत के घर गुरुवार को उनके पूज्य पिता का श्राद्ध कार्यक्रम था। इसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने परिवार के सदस्य एकत्र हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दुलारे सिंह का पुत्र कृष्णा (16 वर्ष), अपने चचेरे भाइयों—शिव सिंह उर्फ प्रिंस (11 वर्ष) पुत्र भगत सिंह, शैलेंद्र सिंह (22 वर्ष), अंशू (12 वर्ष) और उसके छोटे भाई के साथ झिलमिल नदी पर नहाने गया था।
कृष्णा मूल रूप से ग्वालियर के दीनदयाल नगर में रहकर पढ़ाई कर रहा था और केवल श्राद्ध के कार्यक्रम के लिए गांव आया था। नदी में उतरते ही कृष्णा और प्रिंस अचानक गहरे पानी और तेज धाराओं की चपेट में आकर समा गए।

“हाथ छूट गया और आंखों के सामने बह गए भाई” — शैलेंद्र
हादसे में बाल-बाल बचे 22 वर्षीय चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह राजावत ने रोते हुए दर्दनाक वाकया बयां किया
“नदी में उतरते ही कृष्णा और प्रिंस आगे बढ़ गए और अचानक गहराई में समाने लगे। उन्हें तड़पता देख मैं बिना सोचे नदी में कूद पड़ा। मैंने कृष्णा का हाथ पकड़ भी लिया था, लेकिन पानी का थपेड़ा इतना तेज था कि मेरा संतुलन बिगड़ गया और मैं भी डूबने लगा। हममें से किसी को तैरना नहीं आता था। तभी किस्मत से एक पेड़ की डाली मेरे हाथ में आ गई, जिसे पकड़कर मैं बाहर निकल पाया, लेकिन मेरी नजरों के सामने ही दोनों भाई पानी में ओझल हो गए।”
बारिश से रौद्र हुई नदी, अंधेरे के कारण थमा सर्च ऑपरेशन
ग्रामीण बृजमोहन सिंह जादौन ने बताया कि झिलमिल नदी में सामान्य दिनों में महज डेढ़-दो फीट पानी ही रहता है और हादसे जैसी स्थिति कभी नहीं बनती। हालांकि, हालिया मूसलाधार बारिश के चलते नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और बहाव अत्यंत तीव्र हो गया, जिससे नदी 40-50 फीट तक चौड़ी हो गई है।
घटना की खबर फैलते ही प्रशासनिक अमला और SDRF की 12 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। 16 घंटे के सर्च ऑपरेशन में गोताखोरों ने नदी का कोना-कोना छान मारा, तब शनिवार सुबह दोनों चचेरे भाइयो के शव बरामद कर पाए हैं।
रात के अंधेरे और नदी के प्रचंड बहाव के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा है। शनिवार सुबह दोनों बच्चों के शव मिल गए है।”
वीरेंद्र तोमर, डिप्टी कमांडेंट (होमगार्ड)





























