ATM मशीन में हेराफेरी कर ग्राहकों के पैसे हड़पने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

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Inter-state gang busted for tampering with ATM machines and siphoning off customers’ money

मेहगांव पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, 94 ATM कार्ड समेत 36 लाख रुपये का सामान जब्त; ATM में प्लेट लगाकर निकासी रोकने का खुलासा

आशीष शर्मा की रिपोर्ट 

मेहगांव/भिण्ड। ATM मशीन में तकनीकी हेराफेरी कर बैंक ग्राहकों के पैसे हड़पने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का मेहगांव पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 94 ATM कार्ड, ATM मशीन में इस्तेमाल होने वाली एल्युमिनियम की प्लेटें, चाबियां, मोबाइल फोन सहित करीब 36 लाख रुपये कीमत का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक अलग-अलग स्थानों पर ATM को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहा था।

ATM से 10 हजार रुपये निकालने पहुंचे फरियादी को हुआ संदेह

पुलिस प्रेस नोट के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को थाना मेहगांव में एक फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 सितंबर को भिण्ड-ग्वालियर हाईवे किनारे स्थित SBI ATM से वह रुपये निकालने गया था। उसने ATM से 10 हजार रुपये निकालने की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन रकम बाहर नहीं आई। वहीं, उसके मोबाइल पर ट्रांजेक्शन सफल होने की रसीद प्राप्त हो गई।

फरियादी को संदेह हुआ कि ATM मशीन में तकनीकी गड़बड़ी है। अगले दिन बैंक जाकर पूछताछ करने पर उसे पता चला कि ट्रांजेक्शन सफल हो चुका था। इसके बाद किसी अन्य व्यक्ति के साथ इसी प्रकार की घटना होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और प्रकरण में धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।

CCTV और मुखबिर तंत्र से तीन संदिग्ध पुलिस की पकड़ में

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भिण्ड सुरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा SDOP मेहगांव संजय कोठारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मेहगांव रविंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र किया गया और ATM के आसपास विश्वसनीय मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। पुलिस के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को गोरमी तिराहे पर ATM के आसपास तीन युवक संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए दिखाई दिए। उनकी भाषा स्थानीय भाषा से अलग होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम—

सत्यार्थ पुत्र देवेंद्र मिश्रा, उम्र 30 वर्ष, निवासी वजीरगंज, अयोध्या, उत्तर प्रदेश।

सत्यम सिंह परिहार पुत्र अजय वीर सिंह परिहार, उम्र 26 वर्ष, निवासी KDA कॉलोनी, यशोदानगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश।

अभिजीत सिंह पुत्र प्रद्युम्न कुमार सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी हरदोई, उत्तर प्रदेश।

बताया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान तीनों ने ATM में हेराफेरी और ATM कार्डों के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की।

ATM के अंदर प्लेट लगाकर रोक देते थे रुपये

पुलिस प्रेस नोट में आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात का तरीका भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ATM की कैश डिस्पेंसिंग जगह पर विशेष एल्युमिनियम प्लेट लगा देते थे। इसके बाद जब कोई ग्राहक ATM से रुपये निकालने की प्रक्रिया पूरी करता था तो खाते से राशि निकलने का ट्रांजेक्शन सफल हो जाता था, लेकिन प्लेट के कारण रुपये बाहर नहीं आ पाते थे।

ग्राहक यह समझकर कि ATM में पैसे नहीं हैं या मशीन खराब है, वहां से चला जाता था। उसके जाने के बाद आरोपी ATM मशीन में लगी प्लेट को हटाकर फंसी हुई रकम निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी इसी तरीके से अलग-अलग ATM पर लोगों को निशाना बनाते थे।

पहले भी ऐसे मामलों में पकड़े जा चुके हैं आरोपी

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे वर्ष 2018 से इस तरह की वारदातें कर रहे थे। प्रेस नोट के अनुसार वर्ष 2019 में थाना सायबर, जिला देहरादून, उत्तराखंड तथा वर्ष 2020 में थाना रुद्रपुर, जिला ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड में भी आरोपियों के पकड़े जाने और जेल जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ATM में रुपये डिस्पेंच होने वाली जगह पर एल्युमिनियम की प्लेट लगाकर ग्राहकों के रुपये रोकते थे और ग्राहक के जाने के बाद रकम निकाल लेते थे। इसके अलावा ATM कार्डों के माध्यम से भी विभिन्न ATM मशीनों में धोखाधड़ी करने की बात पूछताछ में सामने आई है।

Google Map से तलाशते थे ATM, हाईवे पर बनाते थे निशाना

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी Google Map के माध्यम से ATM मशीनों की लोकेशन तलाशते थे। पुलिस के मुताबिक वे हाईवे के किनारे लगे ATM को विशेष रूप से निशाना बनाते थे, क्योंकि ऐसे स्थानों पर दूसरे शहरों से आने-जाने वाले लोग अधिक संख्या में ATM का इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे तकनीकी जानकारी हासिल करने के लिए इंटरनेट का भी इस्तेमाल करते थे। वे एक स्थान पर वारदात करने के बाद दूसरे शहर की ओर निकल जाते थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपी उत्तर भारत से दक्षिण भारत तक ATM मशीनों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। उनकी गतिविधियों और यात्रा की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने उनकी योजना को विफल कर दिया।

94 ATM कार्ड समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है। प्रेस नोट के अनुसार बरामद सामान में—

एल्युमिनियम धातु की 07 प्लेट

विभिन्न बैंकों के 94 ATM कार्ड

02 चाबियां

03 मोबाइल फोन

01 नीला टेप

01 कैची

01 मेमोरी कार्ड

विभिन्न कंपनियों के अन्य मोबाइल/तकनीकी उपकरण

अन्य सामान

शामिल है। पुलिस ने बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 36 लाख रुपये बताई है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

गिरोह का पर्दाफाश करने में थाना मेहगांव पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में निरीक्षक रविंद्र शर्मा, उनि. विवेक शर्मा, प्र.आर. 1177 सतेंद्र शर्मा, आर. 718 दिलीप सिंह तोमर, आर. 338 दिनेश मुदगल, आर. 1217 शिवा तोमर, आर. 08 उदयमान सिंह तोमर, आर. 291 मंगल बघेल, आर. चालक 222 शिवकुमार शर्मा तथा आर. 637 राहुल यादव सहित साइबर सेल की तकनीकी टीम का योगदान रहा।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में कितने ATM को निशाना बनाया तथा उनके साथ इस गिरोह में और कितने लोग जुड़े हुए हैं। बरामद 94 ATM कार्डों के संबंध में भी संबंधित बैंकों से जानकारी जुटाकर ग्राहकों और पूर्व की वारदातों से कनेक्शन की जांच की जा रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई से ATM में तकनीकी छेड़छाड़ कर ग्राहकों की रकम हड़पने वाले गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है। अब जांच का अगला फोकस गिरोह के नेटवर्क, पूर्व की वारदातों और अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचने पर है।