“Darkness beneath the lamp? Congress leader KK Mishra seeks an answer from the Excise Commissioner.”
- ओवररेट शराब बिक्री, विभागीय कार्रवाई और अधिकारियों को संरक्षण देने के आरोप; आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना से मांगा जवाब
भोपाल/जबलपुर। कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया मंच X पर तीखा हमला बोला है। मिश्रा ने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना को संबोधित करते हुए जबलपुर में कथित अनियमितताओं, ओवररेट शराब बिक्री और विभागीय कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
अपने पोस्ट में केके मिश्रा ने आरोप लगाया कि संस्कारधानी जबलपुर में आबकारी आयुक्त के निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बंडा जहरीली शराब कांड के बाद प्रदेशभर में ओवररेट शराब बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जबलपुर में स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जबलपुर के एक सहायक आबकारी आयुक्त के प्रति विभाग का रवैया नरम बना हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि संबंधित अधिकारी को पूर्व में दिए गए नोटिस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई और उसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
मिश्रा ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आबकारी विभाग द्वारा उठाए गए कदमों का वास्तविक असर क्या है और नियमों के उल्लंघन के मामलों में जवाबदेही किस स्तर पर तय की जा रही है। उन्होंने जबलपुर कलेक्टर, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी पोस्ट में टैग किया है।
राजनीतिक गलियारों में मिश्रा के इस पोस्ट को आबकारी विभाग पर सीधे सवाल खड़े करने वाला बयान माना जा रहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक आबकारी विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।





























