The ordinance for 27% reservation, hastily introduced by the Congress government, was flawed: Minister Dharmendra Lodhi.
- कांग्रेस सरकार की मंशा पर संदेह: मंत्री धर्मेंद्र लोधी
- ओबीसी आरक्षण प्रकरण पर मंत्री धर्मेंद्र लोधी की प्रतिक्रिया
भोपाल। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र लोधी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27% आरक्षण देने से जुड़े प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय ने वर्ष 2019 से 2022 के बीच की गई नियुक्तियों के संबंध में 13% अतिरिक्त नियुक्तियों को संरक्षित रखते हुए आगामी भर्ती में समायोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, वर्ष 2022 के पश्चात निर्णय की तिथि तक की गई भर्तियों में 13% होल्ड पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
श्री लोधी ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से लागू किए गए 27% ओबीसी आरक्षण का नोटिफिकेशन लचर और त्रुटिपूर्ण था। कांग्रेस सरकार द्वारा अत्यंत जल्दबाजी में यह अध्यादेश लाया गया था और इस महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी परामर्श नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से तत्कालीन कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली और 27% आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस सरकार की मंशा पर भी संदेह उत्पन्न हुआ है। श्री लोधी ने कहा कि राज्य सरकार माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का विधिक परीक्षण करेगी तथा उसके अनुरूप आगामी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।





























