The death of tribal children in Balaghat is a failure of the BJP government: Rahul Gandhi
स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार और मनरेगा को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज बालाघाट पहुंचे, जहां उन्होंने कुपोषण एवं विभिन्न बीमारियों के कारण अपने बच्चों को खो चुके पीड़ित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने शोकाकुल परिवारों से संवाद कर उनकी पीड़ा सुनी और बच्चों की मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके दुख में सहभागी बनने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल, CEC सदस्य ओमकार मरकाम, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, प्रदेश सह-प्रभारी उषा नायडू, विधायक संजय उइके, विधायक अनुभा मुंजारे, विक्की पटेल, पूर्व मंत्री मुकेश नायक, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कावरे सहित कांग्रेस के नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मीडिया से चर्चा में राहुल गांधी ने सरकार से पूछे सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि बीमारी और कुपोषण के कारण कई बच्चों की मृत्यु हुई है, लेकिन प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा तक नहीं मिला है। आधे परिवार अभी भी मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सरकारी सहायता एवं योजनाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। जिन परिवारों को सरकारी सहायता की आवश्यकता है, उन्हें समय पर आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

राहुल गांधी ने आदिवासियों की जमीन, जमीन के पट्टे और वनाधिकार कानून (Forest Rights Act) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों के अधिकार और पट्टे के मामले लंबे समय से अटके हुए हैं और उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।
उन्होंने मनरेगा को लेकर कहा कि योजना का नाम बदल दिया गया है, लेकिन काम बंद पड़ा है। जरूरत है कि मनरेगा के तहत रोजगार और काम की व्यवस्था फिर से प्रभावी रूप से शुरू की जाए, ताकि ग्रामीण और आदिवासी परिवारों को रोजगार मिल सके।

राहुल गांधी ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार 24 घंटे विकास की बात करती है, जबकि जमीन पर 24 घंटे भ्रष्टाचार दिखाई देता है। आदिवासियों को जब सरकार की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तब सरकार वहां दिखाई नहीं देती। ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार की वहां कोई प्रभावी उपस्थिति नहीं है।
आदिवासियों को मिले उनका अधिकार
कांग्रेस पार्टी की ओर से सरकार से मांग की गई कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी करे। आदिवासी क्षेत्रों में अस्पतालों और स्कूलों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, मनरेगा के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा पात्र आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन के पट्टे और वनाधिकार कानून के तहत उनके अधिकार दिए जाएं।
राहुल गांधी ने कहा कि बालाघाट में जिस तरह आदिवासी बच्चों की जान गई, वह मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वे इस घटना के साथ-साथ देशभर में आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा लोकसभा के अंदर उठाएंगे।





























