मऊगंज नल-जल योजना में 3.85 करोड़ के भुगतान पर EOW की FIR, तीन PHE अधिकारियों समेत ठेकेदार नामजद; उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना

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EOW registers FIR over ₹3.85 crore payment in Mauganj tap-water scheme; contractor and three PHE officials named; Umang Singhar targets the government.

मऊगंज। जल जीवन मिशन के तहत मऊगंज के नईगढ़ी विकासखंड में कराए गए नल-जल योजना के कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने तीन तत्कालीन PHE अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रेस नोट के मुताबिक, मामले में करीब ₹3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये के भुगतान से जुड़े अनियमितताओं के आरोप हैं।
EOW की कार्रवाई में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. (जनार्दन प्रसाद) द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, तत्कालीन उपयंत्री ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेन्द्र कुमार तिवारी, संचालक मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी, निवासी प्रभाती पुरवा, तहसील मनगवां, जिला रीवा को आरोपी बनाया गया है।

ठेकेदार को कार्य पूर्ण किए बिना ही ₹3,85,00,900 का पूरा भुगतान किए जाने का आरोप है। जांच में नईगढ़ी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पाइपलाइन, पानी की टंकी, पंप हाउस, नल फिटिंग और अन्य कार्यों में कथित कमियां सामने आईं।
740 घरों में नल कनेक्शन का दावा भी जांच के घेरे में आया। प्रेस नोट के मुताबिक, करह उर्फ खटखरी गांव में 740 घरेलू नल कनेक्शन का दावा किया गया था, लेकिन जांच के दौरान घरों के अंदर नल फिटिंग नहीं मिली। वहीं पांच सबमर्सिबल मोटर पंप के दावे के विपरीत एक भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिलने का उल्लेख किया गया है।
जांच में खटखरी गांव में पहली बार पानी भरने के दौरान पानी की टंकी ढहने की बात भी सामने आई। इसके अलावा पाइपलाइन को गांव के बाहर निकाल दिए जाने और कई स्थानों पर कार्य अधूरे रहने का भी उल्लेख प्रेस नोट में है।

EOW की FIR के बाद उमंग सिंघार का सरकार पर हमला

मामले को लेकर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मोहन यादव सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि “मध्यप्रदेश में नल-जल योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई! पहली बार पानी भरते ही टंकी भी ढह गई।”
सिंघार ने दावा किया कि मऊगंज में 740 घरों में नल कनेक्शन देने का दावा हुआ, लेकिन जांच में एक भी घर में नल कनेक्शन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि नौ महीने में पूरा होने वाला काम पांच साल बाद भी अधूरा है और इसके बावजूद ठेकेदार को ₹3.85 करोड़ का पूरा भुगतान कर दिया गया।
सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “मोहन सरकार में जनता को पानी नहीं, भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है।” उन्होंने सवाल किया कि “जनता की गाढ़ी कमाई लुटाने वाले इस खेल की जिम्मेदारी सरकार कब तय करेगी?”