कांग्रेस नेता KK मिश्रा ने शिवराज सिंह चौहान की संवेदनशीलता की सराहना की, बोले—‘सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है’

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Congress leader KK Mishra praised Shivraj Singh Chouhan’s sensitivity, saying—”Oh dear one, do not lie; you have to go before God.

  • आदिवासी परिवार के साथ हुई कार्रवाई पर भावुक हुए शिवराज, कांग्रेस नेता ने कहा—सत्ता के मद में गरीबों के आंसू न भूलें राजनेता

भोपाल। भोपाल। कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उस भावुक प्रतिक्रिया की सराहना की है, जो सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने और फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने के मामले में सामने आई। मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए शिवराज की संवेदनशीलता, साहस और पीड़ित परिवारों के पक्ष में खड़े होने के कदम को रेखांकित किया।
केके मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक शैली और विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा अपनी जगह है, लेकिन आदिवासी परिवार के साथ हुई कार्रवाई को लेकर सामने आई उनकी भावुक प्रतिक्रिया में मानवीय पीड़ा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। मिश्रा के मुताबिक, मौजूदा राजनीतिक दौर में किसी नेता का गरीब परिवारों की पीड़ा को महसूस करना और उनके समर्थन में सामने आना महत्वपूर्ण है।

‘यह राजनीतिक नहीं, इंसानी चरित्र का परिचय’
केके मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वह केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अभिव्यक्त पीड़ा, साहस और मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों के पक्ष में आवाज उठाने की सराहना करते हैं। उन्होंने इसे महज राजनीतिक कदम के बजाय मानवीय संवेदना से जुड़ा विषय बताया।
मिश्रा ने उम्मीद जताई कि सत्ता में बैठे नेता गरीबों की समस्याओं और उनके आंसुओं को समझेंगे तथा मन, वचन और कर्म से निस्वार्थ होकर काम करेंगे। हालांकि, उन्होंने मौजूदा राजनीति में ऐसी संवेदनशीलता की संभावनाओं को लेकर निराशा भी व्यक्त की।

शिवराज ने मुख्य सचिव से जताई नाराजगी
दरअसल, कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने, मक्का और तुअर की फसलों को नुकसान पहुंचने तथा पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भरने का मामला सामने आया है। इन घटनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई।

11 अक्टूबर को गांव पहुंचे चौहान ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और मौके से मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से फोन पर बात कर कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को नए मकान बनवाने और राहत दिलाने का भरोसा भी दिया।
‘सजन रे झूठ मत बोलो…’ कहकर राजनेताओं को दिया संदेश
केके मिश्रा ने अपनी पोस्ट के अंत में मशहूर गीत की पंक्तियों के जरिए नेताओं को सत्ता और पद की अस्थायी प्रकृति की याद दिलाई। उन्होंने लिखा—
“सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है, वहां लालबत्ती, सायरन, सरकारी विमान नहीं, वहां पैदल ही जाना है।”
मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनेताओं को गरीबों की पीड़ा के प्रति संवेदनशील बने रहना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई, आदिवासी परिवारों के अधिकारों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को चर्चा में ला दिया है।