अंतत: युवती ने नपाध्यक्ष के पुत्र रजत पर दर्ज कराया धोखा देकर यौन संबंध बनाने का मामला

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पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत की कायमी, आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती से बनाए थे शारीरिक संबंध
शिवपुरी। पिछले दस दिन से नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के पुत्र रजत शर्मा के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन संबंध उसके साथ बनाने के आरोप में मामला दर्ज कराने के लिए भटक रही युवती ने अंतत: आरोपी रजत शर्मा के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत प्रकरण कायम कर लिया। तकनीकी रूप से यह धारा बलात्कार की श्रेणी में नहीं आती है और इसमें अधिकतम सजा 10 वर्ष का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि मामला दर्ज कराने वाली युवती तीन से चार बार थाने पहुंची और उसने आरोपी से बातचीत कराने की पुलिस के समक्ष शर्त रखी। सूत्र बताते हैं कि दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाने के लिए मध्यस्थता भी हुई। लेकिन बात बनी नहीं और अंतत: कल रात युवती के आवेदन पर पुलिस ने आरोपी रजत शर्मा के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया।
27 वर्षीय युवती शिवकॉलोनी की निवासी है और पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में उसने बताया कि में फेसबुक के माध्यम से आरोपी रजत शर्मा से पहली बार 20 अगस्त 2023 को मिली। उस समय रजत ने मुझ से शादी करने का बायदा किया और मुझ से शारीरिक संबंध बनाने की डिमांड की। युवती का कहना है कि चूंकि रजत उससे शादी करना चाहता था। इसलिए हम दोनों ने सहमति से कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पहली बार आलोक राठौर के किराये के मकान में संबंध बने। संबंध बनाने के बाद आरोपी ने फिर उससे शादी का वायदा किया और मैं तुमसे शादी करूंगा इसलिए मैने कभी उसका विरोध नहीं किया। हम दोनों की सहमति से रजत ने शारीरिक संबंध में वीडियो भी बनाई जो मेरे पास भी हैं। मैं रजत के साथ बाहर घूमने गई थी। वह फोटो भी मेरे पास हैं। मैने अपने और रजत के संबंधों के बारे में अपने घर पर भी बताया था और मेरी माँ तथा बहिनें शादी के लिए तैयार थीं। रजत के घर में भी सबको पता था। लेकिन जब भी मैं शादी के लिए कहती थी तो रजत का जवाब था कि कुछ दिन बाद शादी कर लेंगे। इसके बाद मेरे भाई को कैंसर हो गया और दस मार्च 2025 को उसका देहांत हो गया। फिर मैने रजत से शादी को बोला और कहा कि अब कोई नहीं है मेरा और तुम मुझ से शादी कर लो। लेकिन वह बहाने वाजी करने लगा 10 अप्रैल को उसने स्पष्ट रूप से मना कर दिया कि उसके घर बाले शादी के लिए तैयार नहीं है। मैने उसे कई बार कॉल किया और घर बालों को समझाया तथा फोन पर बात की। पर वह नहीं माना। रजत ने मेरी दीदी से बात कर कहा कि भले ही मुझे फांसी लग जाए या जेल हो जाए लेकिन मैं शादी नहीं करूंगा। इसलिए मैं मजबूर होकर एफआईआर दर्ज कराने आई हूं।

पुलिस ने की जांच शुरू
पीडि़ता इससे पहले चार बार शिकायत लेकर कोतवाली पहुंची थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। आखिरकार 30 अप्रैल को युवती ने लिखित आवेदन देकर पुलिस को साक्ष्य सौंपे। इसके बाद 667/30.04.25 दर्ज की गई। पुलिस ने धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला सामने आने के बाद शिवपुरी की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, मामला चार बार राजनीतिक दबाव में दबाया गया, लेकिन इस बार युवती ने हिम्मत दिखाते हुए केस दर्ज करा दिया।

धोखा देकर बनाए शारीरिक संबंध
भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 परिभाषित करती है कि यदि किसी स्त्री को धोखा देकर या उससे विवाह करने का वायदा करके तथा उसे पूरा करने का कोई आशय न रखते हुए यौन संबंध बनाए जाते हैं तो इस अपराध को भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत कबर किया जाता है। इस धारा के तहत दोषी को अधिकतम 10 वर्ष की सजा और जुर्माना हो सकता है। यह धारा हालांकि बलात्कार की श्रेणी में नहीं आती, लेकिन इसमें छल का तत्व शामिल होता है। इसमें झूठे बायदे, जानकारी छुपाने और पहचान छुपाने की बात है