नौकरशाही में सिंघम बनने वाले अधिकारियों को किया जाता है साइडलाइन, ईमानदारी की कोई कीमत नहीं है: सेवानिवृत आईएएस नियाज खान

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Officers who become Singham in bureaucracy are sidelined, honesty has no value: Retired IAS Niaz Khan

भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज़ खान ने नौकरशाही में ईमानदार अधिकारियों की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया मंच X पर टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा कि जो अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था में “सिंघम” बनने की कोशिश करता है, उसका कार्यकाल अक्सर छोटा कर दिया जाता है और उसे मुख्यधारा से हटाकर किनारे कर दिया जाता है।

नियाज़ खान ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने स्वयं अपनी सेवा अवधि के दौरान इस स्थिति को महसूस किया है। उनका कहना है कि ऐसे अधिकारियों को बाद में लोग भी जल्दी भूल जाते हैं। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि देश में ईमानदारी की कोई विशेष कद्र नहीं है।

https://x.com/saifasa/status/2098631680257069366

पूर्व आईएएस अधिकारी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। पोस्ट को लेकर विभिन्न वर्गों के लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

X पोस्ट:

“जो भी नौकरशाही में सिंघम बनना चाहता है, उसका कार्यकाल छोटा कर दिया जाता है और उसे साइडलाइन या लूप लाइन में डाल दिया जाता है। मैंने भी सेवा के दौरान इसे महसूस किया। लोग ऐसे सिंघम अधिकारियों को जल्द भूल जाते हैं। हमारे देश में ईमानदारी की कोई कीमत नहीं है।”