बाबा साहब के विचारों पर चलकर संघर्ष का आह्वान, अहिरवार समाज सम्मेलन संपन्न

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2028 में संविधान विरोधियों को जवाब देगा समाज

गुना। शहर के एक निजी होटल में अहिरवार समाज का विशाल सम्मेलन का आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री व विधायक जयवर्धन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान राजनीतिक चुनौतियों और संविधान की रक्षा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष कन्हैयाराम अहिरवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने अपने संबोधन में भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार दलितों और वंचितों के अधिकारों पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा, स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने पंचायती राज के जरिए आरक्षण लागू किया, जिससे अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को सत्ता में भागीदारी मिली। आज भाजपा उसी आरक्षण और अधिकारों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने चिंता जताई कि भाजपा की इच्छाशक्ति की कमी के कारण ग्वालियर उच्च न्यायालय परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा नहीं लग पा रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि कुछ लोग भटक कर भाजपा में चले गए हैं, उनसे चर्चा कर वापस लाया जाएगा। हमें बाबा साहब के मूल मंत्र ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ को अपनाना होगा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि 65 प्रतिशत वोट भाजपा के खिलाफ थे, लेकिन विपक्ष के बिखराव सपा, बसपा, भीम आर्मी आदि के कारण भाजपा जीत गई। भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस का मजबूत होना अनिवार्य है।

प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि बहुजन आबादी को शिक्षा, सत्ता और व्यापार का अधिकार बाबा साहब के संविधान से मिला है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इनका लक्ष्य संविधान को खत्म कर सत्ता एक विशेष वर्ग के हाथ में सौंपना है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पितृपुरुष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बाबा साहब का पुतला दहन किया था। साल 2028 में समाज इसका जवाब देगा। अहिरवार ने वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बाबा साहब ने हमें वोट का जो अधिकार दिया है, वही हमें समानता दिलाता है। हमें अपने वोट की रक्षा करनी होगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह को सामाजिक न्याय का मसीहा बताते हुए कहा कि इन नेताओं ने दलितों को जमीन का अधिकार देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया। जयवर्धन सिंह ने राहुल गांधी को जननायक बताते हुए कहा कि उन्होंने साल 2025 को ‘जय बापू, जय भीम और जय संविधान’ के नाम समर्पित किया है। सम्मेलन का समापन समाज की एकजुटता और संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।